हिंदी रूपांतरण सम्मेलन : पुणे 2014

नमस्ते मित्रों,

पिछले दिनों हमने हिंदी भाषा रूपांतरण सम्मेलन में भाग लेने का मौका मिला,जो मेरे लिए बहुत ख़ुशी की बात थी . मै यह ब्लॉग हिंदी में इसलिए लिख रहा हूँ ताकि आप सब मेरी खुशियों को काफी नजदीक से महसूस कर सके जो मैंने प्राप्त की है . धन्यवाद देता हूँ उमेश अग्रवाल जी को उनके बुलावे के संवाद के लिए.राजेश रंजन जी,चंद्रकांत जी , चन्दन जी एवं अन्य सबका बहुत-बहुत धन्यवाद इस सम्मलेन की सफलता में और सी-डेक पुणे को भी बहुत -बहुत आभार इस सम्मलेन की मेजबानी करने के लिए .

ये सम्मलेन बहुत मायनों में अद्भुत था क्योकिं

1)हिंदी भाषा के मुक्त स्रोत में भागीदारी को और ज्यादा बढ़ाने में

2)Fennec हिंदी  लॉन्च के लिए

3)Firefox OS के रूपांतरण निरीक्षण के लिए

4)Fuel परियोजना के मोबाइल शब्द भण्डार के पुनर्रीक्षण हेतु ……. एवं अन्य सारे महत्वपूर्ण कार्यो के लिए. देखें हिंदी सम्मलेन पुणे

दिवस 1 :

कार्यक्रम की शुरुआत पहले रूपांतरण के महत्ता के बारे में जानकारी से हुई ,क्योकि वहाँ उपस्थित सारे सहयोगियों में से हम कुछ लोग नये थे इस क्षेत्र के कार्यविधि के बारे में , धन्यवाद चन्दन जी का जिन्होंने हमे इससे रूबरू कराया.हमारी मदद हेतु आशीष नामदेव जी भी थे जिन्होंने हमे व्यक्तिगत तौर से समस्याओं को सुलझाने में मदद की.

फिर हमने मेलिंग लिस्ट के बारे में जानकारी प्राप्त की हमे मेल का उत्तर देते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ,जानकारी के लिए Shakthimaan.com देखें

हमने fedora हिंदी  परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जोकि काफी ज्ञानवर्धक रही .

इसके बाद में Transifex साइट एवं उसमे उपलब्ध परियोजनाओं के बारे में जाना और मोज़िला फायरफॉक्स के विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य करने की शुरुआत की . इसके लिए हमने हिस्सों में कार्यो को बाँटा और स्वयं को उस कार्य के लिए नियुक्त किया .

पुरे कार्यदिवस में सभी का बेहतरीन सहयोग मिलता रहा जो की बेहतरीन था और हमने उपलब्ध कार्यस्रोतो का सही से निर्वहन किया .

शाम में हमने Fennec launch party रखी जो हिंदी रूपांतरण कार्यदल की ओर  से था .इस तरह हमने प्रथम दिवस का भरपूर उपयोग किया. 🙂

दिवस 2 :

दुसरे दिन की शुरुआत में हमने तय किया प्रथम दिन के कार्यों को निपटने में ,जो आशा के अनुरूप दोपहर भोजन के पहले तक ख़त्म हो गया.इस पूरी सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई  😀

भोजन पश्चात् हमने bugzila के ऊपर जानकारी प्राप्त की जोकि काफी मददगार साबित हुई हमारे भविष्य के कार्यों को सूचित करने में . फिर हमने तय किया एक रूपांतरण स्प्रिंट का जोकि काफी उत्साहपूर्वक सिद्ध हुआ . इस बीच हमने +5000 लाइनों का सफलतापूर्वक रूपांतरण कर लिया.

समान्तर में हमारे द्वारा किये गये कार्यों का पुनरीक्षण चलता रहा जिससे हमे वास्तविक भूलों के बारे में जाने का मौका मिला.

अंत में हमने आपस में अपने अनुभूतियों को एक दुसरे के साथ साझा किया जो इस कार्यक्रम की गुणवत्ता और सुधार जानने का बेहतरीन तरीका था . इसी क्रम में राजेश रंजन जी ने फायरफॉक्स ब्राउज़र – एक पुस्तिका का लोकार्पण किया जो काफी शानदार था और भविष्य में प्रकाशित होने को है.

अंत में कुछ जरूरी चीज़े (यूआरएल एवं गाइड्स…)

  •  Python for you and me ( A book who teaches about Python language ) 

यह ब्लॉग किये गये कार्यो का सम्पादित रूप है,अन्य गतिविधियों के बारे में जानने के लिए हमारे अन्य ब्लॉग पढ़ें.

धन्यवाद 🙂 🙂

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